भारत और उज्बेकिस्तान ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशियाई, निकट पूर्व, मध्य पूर्व और अफ्रीकी देशों के साथ सहयोग विभाग के प्रमुख पिरिमकुलोव गुलोमजोन शोद्मोनकुलोविच से मुलाकात की। वह भारत-उज्बेकिस्तान आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह के सह-अध्यक्ष भी हैं।
आतंकवाद विरोधी सहयोग पर हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि दोनों अधिकारियों ने आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग पर चर्चा की। बैठक में आपसी हित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
यह बातचीत दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और आतंकवाद से निपटने के प्रयासों को आगे बढ़ाने के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। हालांकि, मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी में बैठक के दौरान किसी नए समझौते या विशेष पहल की घोषणा नहीं की गई।
द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर सहमति
बैठक के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। चर्चा में आपसी हित के विषयों को शामिल किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिखाई दिया।
भारत और उज्बेकिस्तान के अधिकारी आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से इस क्षेत्र में सहयोग से जुड़े विषयों पर संवाद करते हैं। मौजूदा बैठक में भी आतंकवाद विरोधी सहयोग और व्यापक द्विपक्षीय संबंध चर्चा के प्रमुख विषय रहे।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के लिए अहम संवाद
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद विरोधी सहयोग सहित आपसी हित के मुद्दों पर विचार करना और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराना था।
दोनों पक्षों के बीच हुई यह बातचीत सुरक्षा और अन्य साझा हितों से जुड़े विषयों पर निरंतर संवाद बनाए रखने की दिशा में एक कदम है। बैठक में किसी नई पहल की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन दोनों देशों ने सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
