भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत करते हुए इसे जल्द अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुंबई यात्रा के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विस्तार से विचारों का आदान-प्रदान किया। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर जारी बातचीत में हुई प्रगति को स्वीकार किया और इसे जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
मुंबई में जयशंकर और रुबियो के बीच द्विपक्षीय वार्ता
मार्को रुबियो 20 से 21 अक्टूबर तक भारत की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान उन्होंने मंगलवार को मुंबई में जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।
बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक के बाद एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि उन्होंने मुंबई में मार्को रुबियो से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों को बातचीत के प्रमुख विषयों के रूप में रेखांकित किया।
रुबियो ने भी ऊर्जा सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर हुई चर्चा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
इन चर्चाओं से स्पष्ट हुआ कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते के साथ-साथ रणनीतिक सहयोग के अन्य क्षेत्रों में भी अपने संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहे हैं।
अमेरिकी ‘फ्रीडम 250’ स्वागत समारोह में शामिल हुए जयशंकर
भारत यात्रा के दौरान एस. जयशंकर ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मेजबानी में आयोजित ‘फ्रीडम 250’ स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि रुबियो की यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद की निरंतरता और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
21वीं सदी की भारत-अमेरिका साझेदारी पर फोकस
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। मंत्रालय ने विशेष रूप से 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका ‘कॉम्पैक्ट’ (COMPACT) को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
व्यापार समझौते पर हुई प्रगति का स्वागत और उसे जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता इस यात्रा के प्रमुख परिणामों में शामिल रही। हालांकि, मंत्रालय के बयान में समझौते पर हस्ताक्षर करने की कोई निश्चित तारीख या अंतिम शर्तों का विवरण नहीं दिया गया।
