अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोर्ट हूड में 13 लोगों की हत्या के दोषी पूर्व अमेरिकी सेना मेजर निदाल हसन की फांसी का लाइव प्रसारण करने की योजना रद्द कर दी है। पेंटागन प्रमुख पीट हेगसेथ ने इस प्रसारण की योजना बनाई थी, लेकिन रिपब्लिकन नेताओं, धार्मिक प्रतिनिधियों और आम लोगों के विरोध के बाद ट्रंप ने गुरुवार को इसे रोकने का फैसला किया।
इस फैसले के साथ 3 दिसंबर को फायरिंग स्क्वाड के जरिए होने वाली हसन की निर्धारित फांसी का प्रसारण नहीं किया जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि फांसी तय कार्यक्रम के अनुसार होगी। यह घटनाक्रम ट्रंप और उनके करीबी सहयोगी हेगसेथ के बीच सार्वजनिक मतभेद के रूप में भी सामने आया है। दूसरी ओर, पेंटागन ने कहा कि दोनों इस फैसले पर पूरी तरह सहमत हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर फैसले की जानकारी दी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फांसी का प्रसारण दुनिया को यह दिखाने के लिहाज से कड़ा संदेश हो सकता था कि अमेरिका आतंकवादियों और अपराधियों से कैसे निपटता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई अच्छे इरादों वाले लोग किसी व्यक्ति की मौत का दृश्य लाइव या किसी अन्य माध्यम से नहीं देखना चाहते।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि ट्रंप और उनके सलाहकारों को प्रसारण की इस योजना की पहले जानकारी नहीं थी।
हसन के पीड़ितों के परिवारों को चाहने पर फांसी को व्यक्तिगत रूप से देखने की अनुमति होगी। अमेरिका में फांसी की प्रक्रिया के दौरान पीड़ितों के परिजनों को ऐसी सुविधा देना सामान्य व्यवस्था का हिस्सा है।
रिपब्लिकन नेताओं और धार्मिक प्रतिनिधियों ने जताया विरोध
लाइव प्रसारण की योजना को लेकर ट्रंप की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं ने भी आपत्ति जताई थी। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल थे। धार्मिक नेताओं ने भी इस प्रस्ताव पर सवाल उठाए थे। जनमत सर्वेक्षणों में अधिकांश अमेरिकी नागरिकों ने फांसी के लाइव प्रसारण का विरोध किया था।
अमेरिकी सशस्त्र बलों के कैथोलिक सदस्यों की आध्यात्मिक देखभाल की जिम्मेदारी संभालने वाले आर्कबिशप टिमोथी ब्रोग्लियो ने भी योजना पर आपत्ति जताई। पोप लियो ने मृत्युदंड के सभी रूपों की निंदा की।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बयान में कहा कि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा करने से पहले हेगसेथ से बात की थी। उनके मुताबिक, रक्षा मंत्री राष्ट्रपति के फैसले का समर्थन करते हैं और दोनों के बीच इस मुद्दे पर पूर्ण सहमति है।
फोर्ट हूड हमले में 13 सैनिकों की हुई थी मौत
पूर्व सैन्य मनोचिकित्सक निदाल हसन को सैन्य जूरी ने पूर्व नियोजित हत्या का दोषी ठहराया था। उसने 2009 में टेक्सास स्थित फोर्ट हूड सैन्य अड्डे के एक चिकित्सा केंद्र में निहत्थे सैनिकों पर गोलीबारी की थी। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 32 अन्य घायल हुए थे।
हमले के दौरान कानून प्रवर्तन अधिकारियों की गोली लगने से हसन कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया था। वह अब व्हीलचेयर का इस्तेमाल करता है।
हेगसेथ ने प्रसारण की योजना का बचाव करते हुए कहा था कि इससे लोगों को ऐसे अपराधों के गंभीर परिणाम समझने में मदद मिलेगी। हालांकि, विरोध के बाद यह योजना वापस ले ली गई।
अमेरिका में मृत्युदंड पर फिर बहस तेज
अमेरिका में मृत्युदंड की प्रक्रिया पहले से ही जांच और बहस के दायरे में है। पिछले महीने टेनेसी में हत्या की दोषी क्रिस्टा पाइक को घातक इंजेक्शन देने के दो प्रयास असफल रहे थे। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हुई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
हसन के वकील से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। यह भी स्पष्ट नहीं था कि कानूनी चुनौतियों के कारण 3 दिसंबर की निर्धारित फांसी की तारीख में कोई बदलाव होगा या नहीं।
यूटा से रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कर्टिस ने प्रसारण योजना रद्द करने के फैसले को सही कदम बताया। वहीं, मैसाचुसेट्स से डेमोक्रेट सांसद रिचर्ड नील ने मूल योजना को नैतिक निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता की गंभीर विफलता करार दिया।
यह मामला अमेरिका में मृत्युदंड, सैन्य न्याय व्यवस्था और सार्वजनिक प्रसारण की नैतिक सीमाओं पर जारी बहस को एक बार फिर सामने लाता है।
