अमेरिका और जापान ने जापान में उन्नत मध्यम दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन करने पर सहमति जताई है। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने बताया कि इस परियोजना को ‘ऑपरेशन सुपरचार्ज’ नाम दिया गया है। इसके तहत एफ-35 लड़ाकू विमानों के लिए आवश्यक मिसाइलों का उत्पादन किया जाएगा।
कोइज़ुमी ने यह जानकारी फिलीपींस के सेबू में आयोजित क्षेत्रीय रक्षा बैठक से इतर अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ मुलाकात के बाद दी। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के बीच अपने रक्षा गठबंधन की प्रतिरोधक क्षमता और जवाबी कार्रवाई की क्षमताओं को मजबूत करने पर सहमति जताई।
जापान में होगा उन्नत मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन
जापानी रक्षा मंत्री के अनुसार, ऑपरेशन सुपरचार्ज के तहत जापान स्थित एक उत्पादन केंद्र में उन्नत मध्यम दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें बनाई जाएंगी। ये मिसाइलें एफ-35 लड़ाकू विमानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, कोइज़ुमी ने इस परियोजना के संदर्भ में किसी विशेष देश को क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौती के रूप में नामित नहीं किया। संयुक्त उत्पादन से संबंधित अन्य विवरण, जैसे उत्पादन क्षमता और परियोजना की समयसीमा, उपलब्ध जानकारी में साझा नहीं किए गए।
अमेरिका-जापान रक्षा गठबंधन मजबूत करने पर सहमति
बैठक के दौरान दोनों रक्षा मंत्रियों ने अमेरिका-जापान गठबंधन की प्रतिरोधक क्षमता और जवाबी कार्रवाई की तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अलग से दोहराया कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आक्रामक गतिविधियों को रोकने के प्रयास जारी रखेगा।
दक्षिण चीन सागर में फिलीपींस को अमेरिकी समर्थन
हेगसेथ ने फिलीपींस के अधिकारियों को भी दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी समर्थन का भरोसा दिया।
दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। इस पृष्ठभूमि में अमेरिका ने अपने सहयोगियों के साथ रक्षा सहयोग और सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को दोहराया है।
अमेरिका और जापान के बीच मिसाइलों के संयुक्त उत्पादन की सहमति तथा फिलीपींस को दिए गए समर्थन के बयान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हैं।
