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एंडी बर्नहैम बने लेबर नेता, ब्रिटेन के अगले पीएम होंगे
लेबर पार्टी ने नए नेता का किया चुनाव, सोमवार को संभालेंगे प्रधानमंत्री पद
लंदन, 18 जुलाई: ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी ने एंडी बर्नहैम को अपना नया नेता चुन लिया है। इसके साथ ही उनके लिए देश के अगले प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। पार्टी की विशेष बैठक (Special Conference) में चुने जाने के बाद बर्नहैम सोमवार को कीर स्टारमर की जगह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। पिछले एक दशक में वह ब्रिटेन के सातवें प्रधानमंत्री होंगे।
लेबर पार्टी के भीतर हुए इस नेतृत्व परिवर्तन को आगामी आम चुनावों और रिफॉर्म यूके (Reform UK) के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ के नाम से हैं प्रसिद्ध
एंडी बर्नहैम को ‘किंग ऑफ द नॉर्थ’ के नाम से भी जाना जाता है। ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय हितों की मजबूती से पैरवी की, जिसके कारण उन्हें यह पहचान मिली।
नेतृत्व संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में बर्नहैम ने कहा कि उनकी सरकार उन लोगों और क्षेत्रों को नई उम्मीद देगी, जो लंबे समय से खुद को राजनीति से उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर देश के हर हिस्से तक विकास और अवसर पहुंचाए जाएंगे।
कीर स्टारमर को दी श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के दौरान एंडी बर्नहैम ने निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के योगदान की सराहना की और उनके नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त किया।
सोमवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद बर्नहैम अपने नए मंत्रिमंडल की घोषणा कर सकते हैं। साथ ही उनकी सरकार की प्राथमिकताओं और आर्थिक एजेंडे पर भी सभी की नजर रहेगी।
सत्ता के विकेंद्रीकरण पर रहेगा जोर
एंडी बर्नहैम ने संकेत दिए हैं कि उनकी सरकार का प्रमुख लक्ष्य लंदन से क्षेत्रों तक सत्ता का बड़ा विकेंद्रीकरण करना होगा। उनका मानना है कि इससे क्षेत्रीय असमानता कम होगी और उन समुदायों को विकास का लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से खुद को पिछड़ा हुआ महसूस करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराने से आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।
रिफॉर्म यूके की चुनौती से मुकाबला
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार लेबर सांसदों ने एंडी बर्नहैम पर इसलिए भरोसा जताया क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि वह नाइजेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोकने में सक्षम होंगे।
हाल के महीनों में रिफॉर्म यूके कई जनमत सर्वेक्षणों में बढ़त हासिल कर चुकी है। हालांकि पार्टी को हाल ही में बड़े दानदाताओं से मिले फंड को लेकर आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है, जिसे लेबर अपने लिए अवसर के रूप में देख रही है।
तीन वर्षों में दिखाने होंगे नतीजे
विशेषज्ञों का कहना है कि एंडी बर्नहैम के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने लंबे समय के विकास मॉडल को जल्द लागू करना होगी। ब्रिटेन में अगला आम चुनाव 2029 तक होना है, ऐसे में उनके पास अपने वादों को धरातल पर उतारने के लिए सीमित समय होगा।
आर्थिक विकास संस्थान (Institute of Economic Development) के विशेषज्ञों का मानना है कि बर्नहैम वर्षों से क्षेत्रीय विकास के नए मॉडल की वकालत करते रहे हैं, लेकिन अब उनकी असली परीक्षा उस सोच को व्यवहार में बदलने की होगी।
