Economy
सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट में खुले, तेल कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को कमजोरी के साथ खुला। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते निवेशकों ने शुरुआती कारोबार में बिकवाली का रुख अपनाया। इसका असर प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी पर साफ दिखाई दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण फिलहाल निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 524.12 अंक (0.68 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 77,092.28 पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 145.20 अंक (0.60 प्रतिशत) फिसलकर 24,065.80 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बाजार का समग्र रुख कमजोर रहा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.88 प्रतिशत बढ़कर 84.86 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 2.24 प्रतिशत की तेजी के साथ 79.89 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करते दिखे। इसके अलावा सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की कीमत भी 0.34 प्रतिशत बढ़कर 4,015.28 डॉलर तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ा सकती हैं।
वैश्विक तनाव से निवेशकों का भरोसा कमजोर
बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि वैश्विक वित्तीय बाजार इस समय अत्यधिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहे हैं। उनके अनुसार मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव, प्रमुख केंद्रीय बैंकों के सख्त रुख और आने वाले महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता कम कर दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद के बावजूद वैश्विक अनिश्चितताएं बाजार पर भारी पड़ रही हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर संकेत
अमेरिकी वायदा बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। डॉव जोंस फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और नैस्डैक फ्यूचर्स सभी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं एशियाई बाजारों में भी व्यापक बिकवाली दर्ज की गई। ताइवान वेटेड इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 3 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। जापान, हांगकांग, चीन, सिंगापुर और थाईलैंड के प्रमुख सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार के लिए कौन-से स्तर रहेंगे अहम?
कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 77,000 का स्तर निकट अवधि में महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि बाजार 24,275 और 77,800 के प्रतिरोध स्तर को पार कर लेता है तो तेजी का रुख फिर मजबूत हो सकता है। वहीं यदि सूचकांक 24,000 और 77,000 के नीचे फिसलते हैं तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है तथा निफ्टी 23,800 और सेंसेक्स 76,400 तक जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत है?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचते हुए मजबूत बुनियादी कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों, मध्य पूर्व की स्थिति और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए रखना आने वाले कारोबारी सत्रों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
FAQs
1. आज शेयर बाजार गिरावट के साथ क्यों खुला?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
2. आज सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरे?
सेंसेक्स 524.12 अंक और निफ्टी 145.20 अंक की गिरावट के साथ खुले।
3. कच्चे तेल की कीमत कितनी पहुंची?
ब्रेंट क्रूड 84.86 डॉलर प्रति बैरल और क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 79.89 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए।
4. बाजार के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तर क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 77,000 का स्तर प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
