संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने पहले आधिकारिक सीरिया दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरियाई जनता के समर्थन की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बनने के बाद यह उनका पहला सीरिया दौरा है, जो पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के लगभग दो वर्ष बाद हो रहा है। गुटेरेस ने कहा कि संघर्ष से उबर रहे सीरिया को पुनर्निर्माण और स्थिरता के लिए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता है।
यह वर्ष 2009 के बाद पहली बार है जब किसी संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सीरिया की राजधानी दमिश्क का दौरा किया है। दमिश्क पहुंचने के तुरंत बाद गुटेरेस ने सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा से मुलाकात कर मौजूदा हालात और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की। बैठक के बाद उन्होंने दमिश्क के पुराने शहर और ऐतिहासिक उमय्यद मस्जिद का भी दौरा किया।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब सीरिया वर्षों तक चले संघर्ष के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटने की कोशिश कर रहा है। मार्च 2011 में शुरू हुए गृहयुद्ध ने देश को भारी मानवीय और आर्थिक क्षति पहुंचाई। इस संघर्ष में लगभग पांच लाख लोगों की मौत हुई, जबकि लाखों लोग विस्थापित हुए और देश का बुनियादी ढांचा व्यापक रूप से प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि सीरिया के पुनर्निर्माण के लिए दसियों अरब डॉलर की आवश्यकता होगी। सड़कें, अस्पताल, स्कूल, बिजली व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं लंबे संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहायता और विकास सहयोग को सीरिया की पुनर्बहाली के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने दौरे के दौरान गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र की उस शांति सेना से भी मुलाकात करेंगे, जो सीरिया-इजरायल सीमा पर तैनात है। यह बल सीमा क्षेत्र में शांति बनाए रखने और तनाव को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी निभाता है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में इस मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सीरिया राजनीतिक संक्रमण और पुनर्निर्माण की चुनौती से गुजर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से मानवीय सहायता, आर्थिक सहयोग और पुनर्वास कार्यक्रमों को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। गुटेरेस ने अपने संदेश में दोहराया कि सीरिया के लोगों को स्थायी शांति, विकास और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक स्तर पर साझा प्रयासों की आवश्यकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा संयुक्त राष्ट्र और सीरिया के बीच सहयोग को नई दिशा देने के साथ-साथ पुनर्निर्माण, मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े प्रयासों को भी गति दे सकता है।
