अमेरिकी टैरिफ में राहत, भारत पर अतिरिक्त शुल्क घटाकर 10%

अमेरिकी टैरिफ में राहत, भारत पर अतिरिक्त शुल्क घटाकर 10% - SamacharToday.co.in

भारत को अमेरिका की सेक्शन 301 व्यापारिक कार्रवाई के तहत महत्वपूर्ण राहत मिली है। भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क को 12.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय दोनों देशों के बीच लगातार हुई वार्ताओं और भारत की ओर से प्रस्तुत विस्तृत पक्ष के बाद लिया गया है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने 23 जुलाई को सेक्शन 301 के तहत अंतिम उपायों की घोषणा की। यह जांच अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के अंतर्गत की गई थी, जिसमें भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं की उन नीतियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई, जो जबरन श्रम से निर्मित उत्पादों के आयात पर रोक और उसके अनुपालन से संबंधित हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित शुल्क में कमी भारत सरकार और USTR के बीच लगातार हुए संवाद का परिणाम है। इस दौरान भारत ने विस्तृत लिखित प्रस्तुतियां दीं, आमने-सामने की बैठकों में भाग लिया और सार्वजनिक सुनवाई के दौरान भी अपना पक्ष मजबूती से रखा।

सरकार ने बताया कि अंतिम निर्णय के बाद भारत को अतिरिक्त शुल्क की निचली श्रेणी में रखा गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को उन कई देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी, जो इस जांच के दायरे में शामिल थे और जिन पर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क लगाया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का बड़ा हिस्सा नए शुल्क से प्रभावित नहीं होगा। जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन और कुछ अन्य निर्दिष्ट उत्पाद, जिन पर पहले से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं था, वे 10 प्रतिशत के नए टैरिफ के दायरे से भी बाहर रहेंगे।

इसके अलावा, स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स जैसे वे उत्पाद, जो पहले से ही अमेरिका की सेक्शन 232 व्यवस्था के तहत अलग व्यापारिक ढांचे में शामिल हैं, उन पर सेक्शन 301 के तहत अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लागू नहीं किया जाएगा।

इन छूटों के कारण भारत सरकार का अनुमान है कि अमेरिका को होने वाले भारत के लगभग 45 प्रतिशत निर्यात पर नए सेक्शन 301 टैरिफ का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि, शेष 55 प्रतिशत निर्यात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। इसके बावजूद भारत पर कुल शुल्क का प्रभाव इस जांच में शामिल अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम रहेगा।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी अंतिम उपायों में उल्लेखित टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ा विशेष तंत्र अभी तक स्थापित या लागू नहीं किया गया है। इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत जारी है।

सरकार ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह प्रक्रिया दोनों देशों द्वारा फरवरी 2026 में की गई संयुक्त घोषणाओं और आपसी सहमति के अनुरूप आगे बढ़ रही है।

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